बच्चों का Exam Stress कैसे करें कम? माता-पिता के लिए 10 जरूरी उपाय

परीक्षा तनाव से निपटने में माता-पिता की मदद पाता बच्चा, घर के शांत अध्ययन वातावरण में

परीक्षा का समय आते ही कई बच्चों में घबराहट, चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास की कमी दिखाई देने लगती है। कई बार माता-पिता अनजाने में दबाव बढ़ा देते हैं, जिससे तनाव और बढ़ जाता है। अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं, तो Exam Stress को आसानी से कम किया जा सकता है।

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परिचय

क्या आपका बच्चा परीक्षा के नाम से ही घबरा जाता है? क्या रातों की नींद और दिन का चैन सिर्फ इसलिए उड़ जाता है क्योंकि फिर से “exam” का मौसम आ गया है? आप अकेले नहीं हैं। एक सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 70% स्कूली बच्चे किसी न किसी रूप में परीक्षा के तनाव से गुजरते हैं। लेकिन क्या यह तनाव उनकी सफलता की कीमत है? बिल्कुल नहीं! यह लेख आपको, हर चिंतित माता-पिता को, उन व्यावहारिक और वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराएगा, जिनसे न सिर्फ आप अपने बच्चे के तनाव को कम कर सकते हैं, बल्कि उनमें परीक्षा के प्रति एक स्वस्थ और सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आपका सहयोग उनके तनाव को विश्वास में बदल सकता है।

परीक्षा का तनाव

तनाव का मनोविज्ञान समझें

थोड़ा सा तनाव सकारात्मक हो सकता है, जो बच्चे को तैयारी के लिए प्रेरित करता है। लेकिन जब यह Exam Stress में बदल जाता है, तो यह मस्तिष्क के “फाइट ऑर फ्लाइट” मोड को सक्रिय कर देता है। इस स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो तार्किक सोच और याददाश्त के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के हिस्से (प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स) के कामकाज को अवरुद्ध कर देता है। इसीलिए तनावग्रस्त बच्चा पढ़ा हुआ भूल जाता है या सरल प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाता।

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Exam Stress के सामान्य लक्षण: पहचानें इन संकेतों को

  • शारीरिक संकेत: सिरदर्द, पेट दर्द, भूख न लगना या ज्यादा लगना, नींद न आना, थकान।
  • भावनात्मक संकेत: चिड़चिड़ापन, रोने का मन करना, निराशा, नकारात्मक बातें करना (“मैं फेल हो जाऊंगा”, “मैं कुछ नहीं कर सकता”)।
  • व्यवहार संकेत: पढ़ाई से बचना, समय बर्बाद करना, नाखून चबाना, एकाग्रता की कमी।

माता-पिता की भूमिका

क्या न कहें? (वार्तालाप के हानिकारक वाक्य)

अक्सर हमारे द्वारा कही गई बातें अनजाने में बच्चों पर Exam Stress बढ़ा देती हैं। इनसे बचने का प्रयास करें:

  1. “तुम्हारे भैया/दीदी तो टॉप करते थे।”
  2. “इतना पढ़ने के बाद भी तुम्हें यह नहीं आता?”
  3. “अगर अच्छे अंक नहीं आए तो बाहर जाना बंद।”
  4. “हमने तुम्हारे लिए इतना किया, बस यही मेहनत कर लो।”
  5. “देखना, फलां के बच्चे तुमसे ज्यादा अंक लाएंगे।”

क्या कहें और करें? (सकारात्मक समर्थन के तरीके)

  1. प्रयास की प्रशंसा करें, परिणाम की नहीं: “मैं देख रहा हूँ तुमने आज दो घंटे बहुत मेहनत से पढ़ाई की, मुझे तुम पर गर्व है।”
  2. यथार्थवादी अपेक्षाएँ रखें: हर बच्चा अलग होता है। उसकी क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करने में उसकी मदद करें।
  3. सुनने वाले कान बनें: बिना टोके, बिना सलाह दिए, बस उनकी बात सुनें। कभी-कभी सिर्फ अपनी चिंता कह देने से ही आधा बोझ कम हो जाता है।
  4. विश्वास जताएँ: “चाहे परिणाम कुछ भी आए, हम तुम्हारे साथ हैं। तुम हमारे लिए सिर्फ अंकों से ज्यादा हो।”

Exam Stress दूर करने के 10 व्यावहारिक और वैज्ञानिक उपाय

1. नियमित दिनचर्या बनाएँ और उसका पालन कराएँ

एक संतुलित टाइम टेबल बनाएँ जिसमें पढ़ाई, खेल, आराम और परिवार के साथ समय सब शामिल हों। अनियमितता तनाव को बढ़ाती है।

2. पौष्टिक आहार दें

तनाव के समय शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है। ड्राई फ्रूट्स, हरी सब्जियाँ, दही, और पर्याप्त पानी दें। जंक फूड और अत्यधिक चाय-कॉफी से बचें।

3. नींद को प्राथमिकता दें

रात को जल्दी सोने और पूरी नींद लेने की आदत डालें। सोते समय मोबाइल फोन दूर रखें। नींद यादों को स्थिर करती है।

4. शारीरिक गतिविधि को अनिवार्य बनाएँ

दिन में कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि जरूर कराएँ। यह सिर्फ खेलना ही नहीं, साइकिल चलाना, दौड़ना या यहाँ तक कि नाचना भी हो सकता है। इससे हैप्पी हार्मोन ‘एंडोर्फिन’ निकलता है।

5. विश्राम के तरीके सिखाएँ

  • गहरी साँस लेने का अभ्यास: 5 सेकंड साँस लें, 2 सेकंड रोकें, 7 सेकंड में छोड़ें।
  • ध्यान (मेडिटेशन): शुरुआत के लिए दिन में सिर्फ 5 मिनट शांत बैठकर साँस पर ध्यान देना पर्याप्त है।

6. अध्ययन के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना

लगातार 45-50 मिनट पढ़ाई के बाद 10 मिनट का ब्रेक दें। इस दौरान टहलें, कोई गाना सुनें या कुछ हल्का-फुल्का खाएँ।

7. मनोरंजन के लिए समय निर्धारित करें

सप्ताह में एक बार कोई फिल्म देखना, गेम खेलना या पार्क में जाना तनाव कम करने का बेहतरीन तरीका है। इससे दिमाग तरोताजा होता है।

8. मॉक टेस्ट और रिवीजन पर जोर दें

अंतिम समय में नए टॉपिक्स पढ़ने के बजाय पुराने टॉपिक्स का दोहराव और मॉक टेस्ट देना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

9. परीक्षा के दिन की तैयारी पहले से करें

परीक्षा से एक दिन पहले एडमिट कार्ड, पेन, पेंसिल, पानी की बोतल आदि सब कुछ तैयार रखें। सुबह की दिनचर्या प्लान कर लें ताकि हड़बड़ी न हो।

10. सकारात्मक दृश्यता (विज़ुअलाइज़ेशन) का प्रयोग करें

बच्चे को आँखें बंद करके परीक्षा हॉल में शांतिपूर्वक और आत्मविश्वास से प्रश्न हल करने की कल्पना करने के लिए कहें। यह मानसिक रूप से तैयार करता है।

डिजिटल दुनिया और Exam Stress

आजकल ऑनलाइन क्लासेज और स्टडी मटेरियल के कारण स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। यह आँखों के तनाव और एकाग्रता में कमी ला सकता है।

  • 20-20-20 नियम अपनाएँ: हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद, 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें।
  • पढ़ाई के समय सोशल मीडिया से दूरी: पढ़ाई के दौरान फोन को साइलेंट मोड में रखें या दूसरे कमरे में रख दें।
  • शैक्षिक एप्स का चयनात्मक उपयोग: केवल विश्वसनीय और उपयोगी एप्लिकेशन का ही उपयोग करें।

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निष्कर्ष

याद रखें, परीक्षा जीवन का एक पड़ाव है, जीवन का लक्ष्य नहीं। हमारा उद्देश्य केवल अंकों वाली एक मार्कशीट तैयार करना नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यक्तित्व विकसित करना है जो चुनौतियों का सामना कर सके, तनाव को प्रबंधित कर सके और हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सके। आपका धैर्य, प्रेम और सही मार्गदर्शन ही आपके बच्चे के लिए सबसे बड़ी ताकत है।

आपसे अनुरोध है: इस लेख में दिए गए उपायों में से कम से कम एक उपाय आज से ही अपने बच्चे के साथ आजमाना शुरू करें। और एक सप्ताह बाद हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं कि इससे आपके और आपके बच्चे के अनुभव में क्या बदलाव आया। आपका यह छोटा सा कदम किसी और परिवार के लिए मार्गदर्शन बन सकता है। आपके और आपके बच्चे की सफलता और स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएँ!

बच्चों में Exam का Stress क्यों बढ़ जाता है?

Exxam के समय अपेक्षाओं का दबाव, असफलता का डर, syllabus पूरा न होना और comparison की वजह से बच्चों में Stress बढ़ जाता है।

Exam Stress के सामान्य लक्षण क्या होते हैं?

घबराहट, नींद न आना, चिड़चिड़ापन, बार-बार रोना, ध्यान न लगना और आत्मविश्वास कम होना इसके मुख्य लक्षण हैं।

क्या exam का थोड़ा stress जरूरी होता है?

हाँ, हल्का stress बच्चों को alert और focused बनाता है। लेकिन ज्यादा तनाव नुकसानदायक होता है और performance गिरा सकता है।

माता-पिता बच्चों का stress कैसे कम कर सकते हैं?

सकारात्मक माहौल बनाकर, तुलना से बचकर, realistic goals तय करके और भावनात्मक सहयोग देकर stress कम किया जा सकता है।

क्या ज्यादा पढ़ाई ही सफलता की कुंजी है?

नहीं। सही strategy, time management और नियमित revision ज्यादा महत्वपूर्ण है, सिर्फ लंबे समय तक पढ़ना नहीं।

परीक्षा के समय बच्चे की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए?

Balanced routine जरूरी है, पर्याप्त नींद, healthy diet, short breaks और limited screen time

क्या मोबाइल और सोशल मीडिया Exam Stress बढ़ाते हैं?

हाँ, ज्यादा screen time ध्यान भटकाता है और चिंता बढ़ा सकता है। परीक्षा के समय सीमित उपयोग बेहतर होता है।

अगर बच्चा Exam से बहुत डर रहा हो तो क्या करें?

उसे डांटने के बजाय calmly बात करें, उसकी चिंता समझें और practical study plan बनाने में मदद करें।

क्या लगातार डांटना या तुलना करना सही है?

नहीं। इससे बच्चे का आत्मविश्वास गिरता है और stress और बढ़ जाता है।

कब Professional Help की जरूरत पड़ती है?

अगर बच्चा अत्यधिक anxiety, panic attacks या लगातार उदासी महसूस कर रहा हो, तो school counselor या psychologist से सलाह लेना सही रहेगा।

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